कैफ़ भोपाली - चलो दिलदार चलो, चाँद के पार चलो, हम हैं तैयार चलो (रफ़ी, लता)

गीतकार : कैफ़ भोपालीराग : पहाड़ी
चित्रपट : पाकीजा (१९७२)संगीतकार : ग़ुलाम मोहम्मद
भाव : प्रमादगायन : मोहम्मद रफ़ी, लता मङ्केश्कर
चलो दिलदार चलो, चाँद के पार चलो।
हम हैं तैयार चलो॥स्थायी॥

चलो दिलदार चलो, चाँद के पार चलो।
हम हैं तैयार चलो।

आओ खो जायें सितारों में कहीं,
आओ खो जायें सितारों में कहीं,
छोड़ दें आज ये दुनिया ये ज़मीं,
दुनिया ये ज़मीं॥१॥

चलो दिलदार चलो, चाँद के पार चलो।
हम हैं तैयार चलो।

हम नशे में हैं सम्भालो हमें तुम,
हम नशे में हैं सम्भालो हमें तुम,
नींद आती है जगा लो हमें तुम,
जगा लो हमें तुम॥२॥

चलो दिलदार चलो, चाँद के पार चलो।
हम हैं तैयार चलो।

ओऽ
ओऽ

ज़िन्दगी ख़तम भी हो जाये अगर,
ज़िन्दगी ख़तम भी हो जाये अगर,
ना कभी ख़त्म हो उल्फ़त का सफ़र,
उल्फ़त का सफ़र॥३॥

चलो दिलदार चलो, चाँद के पार चलो।
हम हैं तैयार चलो।

चलो दिलदार चलो, चाँद के पार चलो।
हम हैं तैयार चलो।

चलो दिलदार चलो, चाँद के पार चलो।
हम हैं तैयार चलो।




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