आनंद बक्शी - तेरो नैनों के मैं दीप जलाऊँगा, अपनी आँखों से दुनिया दिखलाऊँगा (रफी, लता)

गीतकार : आनंद बक्शीराग :
चित्रपट : अनुराग (१९७२) संगीतकार : सचिनदेव बर्मन
भाव : प्रेम गायन : मोहम्मद रफ़ी, लता मङ्गेश्कर
तेरो नैनों के मैं दीप जलाऊँगा,
तेरो नैनों के मैं दीप जलाऊँगा,
अपनी आँखों से दुनिया दिखलाऊँगा।

अच्छा?
वो क्या है? एक मंदिर है,
उस मंदिर में? एक मूरत है,
ये मूरत कैसी होती है?
तेरी सूरत जैसी होती है॥१॥

वो क्या है? एक मंदिर है।

मैं क्या जानूँ छाँव है क्या और धूप है क्या,
मैं क्या जानूँ छाँव है क्या और धूप है क्या,
रंग-बिरंगी इस दुनिया का रूप है क्या।

वो क्या है? एक परबत है,
उस परबत पे? एक बादल है,
ये बादल कैसा होता है?
तेरे आँचल जैसा होता है॥२॥

वो क्या है? एक परबत है।

मस्त हवा ने घूँघट खोला कलियों का,
मस्त हवा ने घूँघट खोला कलियों का,
झूम के मौसम आया है रंग-रलियों का।

वो क्या है? एक बगिया है,
उस बगिया में? कई भँवरे हैं,
भँवरे क्या जोगी होते हैं?
नहीं दिल के रोगी होते हैं॥३॥

वो क्या है? एक बगिया है।

ऐसी भी अंजान नहीं मैं अब सजना,
बिन देखे मुझको दिखता है सब सजना।

अच्छा?
वो क्या है? वो सागर है,
उस सागर में? एक नैया है।
अरे तूने कैसे नाम लिया?
मन-से आँखों का काम लिया॥४॥

वो क्या है? वो सागर है।
हममऽ

रविन्द्र जैन - आज से पहले आज से ज्यादा खुशी आज तक नहीं मिली (येसुदास)


गीतकार : रविन्द्र जैनराग :
चित्रपट : चित्चोर (१९७६)संगीतकार : रविन्द्र जैन
भाव : परमानंदगायन : येसुदास

आज से पहले, आज से ज्यादा,
आज से पहले, आज से ज्यादा,
खुशी आज तक नहीं मिली।

इतनी सुहानी, ऐसी मीठी,
इतनी सुहानी, ऐसी मीठी,
घड़ी आज तक नहीं मिली॥स्थायी॥

आज से पहले।

इसको संयोग कहें या किस्मत का लेखा,
हम जो अचानक मिले हैं।

हेऽ इसको संयोग कहें या किस्मत का लेखा,
हम जो अचानक मिले हैं।

मनचाहे साथी पाके हम सबके चेहरे,
देखो तो कैसे खिले हैं।

होऽ तकदीरों को जोड़ दे ऐसी,
इन तकदीरों को जोड़ दे ऐसी,
कड़ी आज तक नहीं मिली॥१॥

आज से पहले।

सपना हो जाए वो पूरा, जो हमने देखा,
ये मेरे दिल की दुआ है।

हेऽ सपना हो जाए वो पूरा, जो हमने देखा,
ये मेरे दिल की दुआ है।

ये पल जो बीत रहे हैं, इनके नशे में,
दिल मेरा गाने लगा है।

होऽ इसी खुशी को ढ़ूँढ़ रहे थे,
हम इसी खुशी को ढ़ूँढ़ रहे थे,
यही आज तक नहीं मिली॥२॥


आज से पहले, आज से ज्यादा,
खुशी आज तक नहीं मिली।


आज से पहले।

०ऽऽऽ