सुगम संगीत गीत संग्रह

पुराने गीतों से मेरा शुरू से लगाव रहा है। हिन्दी में लिखे गीत कई बार नहीं मिलते या उनकी पूरी जानकारी नहीं मिलती। इसके लिए मैंने मेरे मनपसंद गीतों के बोल लिखना शुरू किया है जिससे अन्य भी इसे पढ सकें और इस जानकारी का लाभ उठाएँ।
  • १) कूटशब्द : क्योंकि ये सीमीत हैं, अतः इस क्रम में - गीतकार, राग, संगीतकार, गायिका, गायक, भाव 
  • २) लेख : गीत से संबंधित अधिक से अधिक जानकारी 
    • अ) दीर्घ गीत शीर्षक (गीत की दो पंक्ति) + गीतकार + गायन (प्रकाशित करने से पहले अंग्रेजी में + lyrics, फिर हिन्दी में, जिससे कड़ी में गीत का नाम आ सके) 
    • आ) गीत जानकारी, द्विस्तंभ (सभी पर लिंक) : (१) गीतकार, चित्रपट/गीतसंग्रह (वर्ष), भाव (२) राग, संगीतकार, गायन 
    • इ) गीत लेख (उद्धरण रूप में) 
    • ई) यूट्यूब वीडियो (पृष्ठकाट के बाद) 
    • उ) अन्य जानकारी (पेज ब्रेक के बाद), जैसे गिटार कौर्ड्स, संदर्भ भी इसमें जोड़े जा सकते है।
  • ३) मुखपृष्ठ : सुगम संगीत पटल 
    • अ) #कड़ी का उपयोग  
    • आ) अ-ह तक सारे वर्ण से शुरू होने वाले गीत। किसी अक्षर जैसे क के पन्ने पर क-कः तक की सूची। इसके लिये प्रत्येक अक्षर के लिए सबसे नवीनतम लेख में इस जानकारी को दिया जा सकता है। इसे जावास्कृप्ट द्वारा भी दिखाया जा सकता है। 
    • इ) अ-ह की सूची, प्रत्येक कूटशब्द जैसे संगीतकार सूची, गीतकार सूची आदि के लिये 
    • ई) प्रत्येक कलाकार जैसे किशोर दा के लिये अन्य कलाकारों के साथ काम के लिये खोज कड़ियाँ दर्शाना 
  • ४) कूटशब्द-अज्ञात : अगर कूटशब्द की जानकारी नहीं हो, तो उन्हें कूटशब्द-अज्ञात जैसे छोड़ दें ताकि उन्हें छाँटकर उनकी जानकारी बाद में भरी जा सके। इसे मुखपृष्ठ पर भी डाल दें, ताकि रूचिकर पाठक इसमें छूटी जानकारी भर सके। 
  • ५) लेखों का सामूहीकरण : लेख की प्रकाशन तिथि को गीतों के सामूहीकरण के लिए उपयोग किया जा सकता है। अर्थात् १जनवरी १९७० से ३०जून १९७० तक किसी एक कूटशब्द के गीतों का संग्रह बनाया जा सकता है। 
    • अ) मैंने गीत के प्रथन अक्षर को कूटशब्द मानते हुए इसका प्रयोग किया है। अर्थात् अ से शुरू होने वाले सारे गीत इन तिथियों के बीच ही प्रकाशित होंगे। इसी तरह हर अक्षर के लिए एक समयावधि होगी। 
    • आ) एक समूह के अक्षरों को एक साल में रखा जाएगा। 
    • इ) पुरानी प्रकाशन तिथि होने के कारण यह मेरे निजि संगीत लेखों के बीच में भी नहीं आएगा। 
    • ई) ब्लौग खोज के updated-min और updated-max गुण के उपयोग से इन लेखों को आसानी से छाँटा जा सकता है। उदाहरणतः, http://esangeet.blogspot.in/search?updated-min=2012-01-01T00:00:00%2B05:30&updated-max=2013-01-01T00:00:00%2B05:30&label=लता&max-results=10 लिंक में शुरू और अंत समय इकाई का माप दिया गया है। इसी में अक्षर की समायवधी देने से उस अक्षर से शुरू होने वाले सारे गीत इसमें सूचीबद्ध हो सकते हैं। इसी में लता कूटशब्द जोड़ने से उस अक्षर से शुरू होने वाले लता जी के गीत ढूँढे जा सकते हैं। max-results का प्रयोग करके लेखों की सँख्या बढा सकते हैं।



    • उ) ब्लॉग सारांश में वर्ष और मास से इन लेखों की सीधी सूची मिल सकती है। पाठक इस सूची में गीत ढूँढ सकते हैं। 
    • ऊ) गीत ऐसे प्रकाशित करना जिससे हर अक्षर के लिए गीत वर्णमाला से क्रम में हों। स्वर १३ तरह के हैं, अतः किसी वर्ण जैसे क के लिए १३ रूप होते हैं। प्रत्येक सामान्य वर्ण को २ मास यानि लगभग ६० दिन मिलते हैं। ऋ और अः को छोड़कर ११ सामान्य स्वर बचते हैं। प्रत्येक ११ सामान्य स्वर रूप के लिए ५ दिन देने से ६० में से ५ दिन बचते हैं, जो अन्य दो स्वर में बाँटे जा सकते हैं। स्वर के लिए इस आबंटन की आवश्यकता नहीं। अतः प्रत्येक स्वर के लिए पूरे २ मास रहते हैं। 
    • ए) प्रत्येक स्वर रूप के लिए अगले वर्ण के अनुसार समय आबंटित किया जा सकता है। स्वर और वर्ण के कुल ९ वर्ग हैं, अतः बराबर बाँटने से प्रत्येक वर्ग के लिए आधे दिन यानि १२ घंटे का समय मिलता है। इस क्षेत्र में आने वाले लेखों को स्वयं से सूचीबद्ध किया जा सकता है। एक स्वर के लिए २ मास यानि ६० दिन को ९ भाग में बाँटे तो प्रत्येक वर्ग को ५ दिन मिलते हैं, यानि प्रत्येक दूसरे अक्षर के लिए लगभग एक दिन। 
    • ऐ)  क्योंकि ब्लॉग नए लेख पहले सूचीबद्ध करता है, अतः वर्ष को घटते क्रम में स्वर और वर्ण से मेल कराया गया है। इससे किसी कूटशब्द में क वाले लेख च वाले लेख के ऊपर आयेंगे। 
  • ६) रूचिकर लेखक आमंत्रित : सुगम संगीत के रूचिकर अन्य पाठकों को भी इस परियोजना का हिस्सा बनाएँ। 
  • ७) कलाकारों के ऊपर एक विस्तृत पोल : गायक, संगीतकार इत्यादि एकाकी पोल के साथ-साथ गायक और संगीतकार, गायक और अभिनेता इत्यादि पोल भी पाठकों के लिए रोचक हो सकते हैं। 
  • ८) लिप्यन्तरण : सुगम संगीत भारत में बहुत लोकप्रिय है, लोग हिन्दी समझते भी हैं, पर पढ़ने में थोड़ी कठिनाई होती है। अतः गीत को क्षेत्रिय लिपि जैसे कन्नड़, बंगाली आदि में लिप्यन्तरित करके दिखाना।
  • ९) हिन्दी गीत संबंधी जानकारी के प्रमुख स्त्रोत् 

1 टिप्पणी:

  1. In sabhi ka smavesh ek pustak sangitika mein gain.par us se santusht nhi hu.isliye bharat ka bhraman krke or sabhi ghrano ki jankari lekar sugam sangeet ko nikharna chahta hu

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