प्रेम धवन - ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन, तुझपे दिल कुर्बान (मन्ना डे)

गीतकार : प्रेम धवनराग :
चित्रपट : काबुलीवाला (१९६१) संगीतकार : सलिल चौधरी
भाव : देशप्रेम गायन : मन्ना डे
ऐ मेरे प्यारे वतन,
ऐ मेरे बिछड़े चमन,
तुझपे दिल कुर्बान।
तू ही मेरी आरज़ू,
तू ही मेरी आबरू,
तू ही मेरी जाँ॥स्थायी॥

तेरे दामन से जो आए,
उन हवाओं को सलाम।
चूम लूँ मैं उस ज़बाँ को,
जिसपे आए तेरा नाम।
सबसे प्यारी सुबह तेरी,
सबसे रंगीं तेरी शाम,
तुझपे दिल कुर्बान॥१॥

माँ का दिल बन के कभी,
सीने से लग जाता है तू।
और कभी नन्ही-सी बेटी,
बन के याद आता है तू।
जितना याद आता है मुझको,
उतना तड़पाता है तू,
तुझपे दिल कुर्बान॥२॥

छोड़ कर तेरी ज़मीं को,
दूर आ पहुँचे है हम।
फिर भी है यही तमन्ना,
तेरे ज़र्रों की कसम।
हम जहाँ पैदा हुए,
उस जगह ही निकले दम,
तुझपे दिल कुर्बान॥३॥





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