साहिर लुधियान्वी - अभी ना जाओ छोड़ कर, कि दिल अभी भरा नहीं (रफ़ी, आशा)

गीतकार : साहिर लुधियान्वीराग :
चित्रपट : हम दोनो (१९६१)संगीतकार : जयदेव
भाव : प्रेमगायन : मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले

(रफ़ी)
अभी ना जाओ छोड़ कर,
कि दिल अभी भरा नहीं॥स्थायी॥

अभी-अभी तो आई हो,
बहार बन के छाई हो,
हवा ज़रा महक तो ले,
नजर ज़रा बहक तो ले,
ये शाम ढल तो ले ज़रा,
ये दिल सँभल तो ले ज़रा,
मैं थोड़ी देर जी तो लूँ,
नशे की घूँट पी तो लूँ,
अभी तो कुछ कहा नहीं,
अभी तो कुछ सुना नहीं॥१॥

अभी ना जाओ छोड़ कर,
कि दिल अभी भरा नहीं।

(आशा)
सितारे झिलमिला उठे,
चिराग जगमगा उठे,
बस अब ना मुझको टोकना,
ना बढ के राह रोकना,
अगर मैं रूक गई अभी,
तो जा ना पाऊँगी कभी,
यही कहोगे तुम सदा,
कि दिल अभी भरा नहीं,
जो खत्म हो किसी जगह,
ये ऐसा सिलसिला नहीं ॥२॥

अभी नहीं अभी नहीं,
नहीं नहीं नहीं नहीं।

अभी ना जाओ छोड़ कर,
कि दिल अभी भरा नहीं।

(रफ़ी)
अधूरी आस छोड़ के,
अधूरी प्यास छोड़ के,
जो रोज़ यूँ ही जाओगी,
तो किस तरह निभाओगी,
कि जिन्दगी की राह में,
जवाँ दिलों की चाह में,
कई मकाम आएँगे,
जो हमको आज़माएँगे,
बुरा ना बात का,
ये प्यार है गिला नहीं।

हाँ, यही कहोगे तुम सदा
कि दिल अभी भरा नहीं
हाँ दिल अभी भरा नहीं
नहीं, नहीं, नहीं, नहीं।


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