साहिर लुधियान्वी - किसका रस्ता देखे ऐ दिल ऐ सौदाई, मिलों है ख़ामोशी, बरसों है तनहाई (किशोर कुमार)

गीतकार : साहिर लुधियान्वीराग :
चित्रपट : जोशीला (१९७३)संगीतकार : राहुलदेव बर्मन
भाव :  रोषगायन : किशोर कुमार

किसका रस्ता देखे ऐ दिल ऐ सौदाई,
मिलों है ख़ामोशी, बरसों है तनहाई।
भूली दुनिया कभी की, तुझे भी, मुझे भी,
फिर क्यों आँख भर आई॥स्थायी॥

किसका रस्ता देखे ऐ दिल ऐ सौदाई।
 कोई भी साया नहीं राहों में,
कोई भी आयेगा ना बाहों में,
तेरे लिए, मेरे लिए, कोई नहीं रोनेवाला ओ।
झूठा भी नाता नहीं चाहों में,
तू ही क्यों डूबा रहे आहों में,
कोई किसी संग मरे, ऐसा नहीं होने वाला।
कोई नहीं जो यूँ ही जहाँ में, बाँटे पीर परायी॥१॥

हो किसका रस्ता देखे ऐ दिल ऐ सौदाई।

तुझे क्या बीती हुई रातों से,
मुझे क्या खोई हुई बातों से,
सेज नहीं चिता सही, जो भी मिले सोना होगा ओ।
गई जो डोरी छूटी हाथों से,
लेना क्या टूटे हुए साथों से,
खुशी जहाँ माँगी तूने, वहीं मुझे रोना होगा।
ना कोई तेरा ना कोई मेरा, फिर किसकी याद आई॥२॥

 हो किसका रस्ता देखे ऐ दिल ऐ सौदाई।
हमम्ऽ



मेरे अन्य पसंदीदा गीत - भारतीय संगीत @ YouTube

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें