राजेन्द्र कृष्ण - जहाँ डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा, वो भारत देश है मेरा (रफ़ी)

गीतकार : राजेन्द्र कृष्णराग :
चित्रपट : सिकन्दर-ए-आज़म (१९६५) संगीतकार : हँसराज बहल
भाव : देशप्रेम गायन : मोहम्मद रफ़ी
गुरू ब्रह्मा गुरूर्विष्णु गुरूदेव महेश्वरा।
गुरू साक्षात्परब्रह्म तस्मै श्री गुरूवे नमः॥

जहाँ डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा
वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा
जहाँ डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा
वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा

जहाँ सत्य-अहिंसा और धर्म का पग-पग लगता डेरा
वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा

जय भारती, जय भारती, जय भारती, जय भारती॥मुखड़ा॥

आऽ आऽ
ये धरती वो जहाँ ऋषि मुनि जपते प्रभु नाम की माला
हरि ॐ, हरि ॐ, हरि ॐ, हरि ॐ
जहाँ हर बालक एक मोहन है और राधा एक-एक बाला
और राधा एक-एक बाला

जहाँ सूरज सबसे पहले आकर डाले अपना डेरा
वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा॥१॥

जहाँ गंगा जमुना कृष्ण औऱ कावेरी बहती जाये
जहाँ उत्तर दक्षिण पूरब पश्चिम को अमृत पिलवाये
ये अमृत पिलवाये

कहीं ये फल और फूल उगाये, केसर कहीं बिखेरा
वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा॥२॥

अलबेलों की इस धरती के त्योहार भी हैं अलबेले
कहीं दिवाली की जगमग है होली के कहीं मेले
होली के कहीं मेले
कहीं दिवाली की जगमग है होली के कहीं मेले
होली के कहीं मेले

जहाँ राग-रंग और हँसी-खुशी का चारों ओर है डेरा
वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा॥३॥

जहाँ डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा
वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा

आऽ आऽ आऽ आऽ आऽ
जहाँ आसमान से बातें करते मंदिर औऱ शिवाले
किसी नगर में किसी द्वार पर कोई ना ताला डाले
कोई ना ताला डाले

औऱ प्रेम की बंसी जहाँ बजाता आये शाम सवेरा
वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा

जहाँ सत्य-अहिंसा और धर्म का पग-पग लगता डेरा
वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा

जय भारती, जय भारती, जय भारती, जय भारती।

आऽ आऽ आऽ



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