आनंद बक्शी - वो तेरे प्यार का गम, एक बहाना था सनम (मुकेश)


गीतकार : आनंद बक्शीराग :
चित्रपट : माय लव (१९७०) संगीतकार : दान सिंह
भाव :  दुःख गायन : मुकेश
वो तेरे प्यार का गम,
एक बहाना था सनम,
अपनी किस्मत ही कुछ ऐसी थी,
कि दिल टूट गया॥स्थायी॥

ये ना होता तो कोई दूसरा गम होना था,
मैं तो वो हूँ जिसे हर हाल में बस रोना था।

मुस्कुराता भी अगर,
तो छलक जाती नजर,
अपनी किस्मत ही कुछ ऐसी थी,
कि दिल टूट गया॥१॥

वरना क्या बात है, क्यों कोई सितमगर तो नहीं,
मेरे सीने में भी दिल है, कोई पत्थर तो नहीं।

तूने ढ़ाया है सितम, तो यही समझेंगे हम,
अपनी किस्मत ही कुछ ऐसी थी,
कि दिल टूट गया॥२॥

वो तेरे प्यार का गम,
एक बहाना था सनम,
अपनी किस्मत ही कुछ ऐसी थी,
कि दिल टूट गया।



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